India’s Rich Are Escaping: What Virat Kohli Knows That You Don’t

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अभी रिसेंटली एक न्यूज़ आई थी कि विराट कोहली अपना गुड़गांव वाला घर बेच रहे हैं। बट आखिर विराट कोहली अपना गुड़गांव वाला घर क्यों बेच रहे हैं? क्योंकि भाई रिटायरमेंट के बाद विराट कोहली अनुष्का के साथ लंदन शिफ्ट हो गए हैं। एंड सिर्फ विराट कोहली अकेले नहीं है। प्रीटी जिंटर यूएस शिफ्ट हो चुकी है। फिर प्रियंका चोपड़ा ने तो बाहर वाले बंदे से शादी कर ली है। अब वो यूएसए रहती है परमानेंटली। काफी टाइम तक अक्षय कुमार कनाडियन सिटीजन थे। और यह सिर्फ नहीं कि एक्टर एंड एक्ट्रेसेस बाहर रह रहे हैं। बट युवराज सिंह भी बाहर रहते हैं। वो भी लंदन रहते हैं। और क्रिकेटर्स छोड़ो अजय दे दोवल जो कि हमारे देश के नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर है। उनका बेटा विवेक दोवल एक ब्रिटिश सिटीजन है। फिर एस जे शंकर जो कि हमारे देश के एक्सटर्नल मिनिस्टर है। उनका बेटा ध्रुव जय शंकर बाहर काम करते हैं। यूएसए में है। और फिर काफी सारे ऐसे पॉलिटिशियन, एक्टर, एक्ट्रेसेस, क्रिकेटर हैं जिसके बारे में हमें पता भी नहीं है। एंड वो लोग भी बाहर रहते हैं। फिर रिसेंटली एक न्यूज़ भी आई थी कि 3500 मिलेयर्स ने इंडिया छोड़ दिया। अब वह कहीं ना कहीं बाहर रह रहे हैं। कोई दुबई रह रहा है तो कोई लंदन रह रहा है। सब बाहर रह रहे हैं। यह सब अमीर लोग तो बाहर चले गए। बचते हैं हमारे जैसे मिडिल क्लास लोग जो कि यहां पर 30 टू 40% टैक्स दे रहे हैं। इतना ज्यादा टैक्स दे रहे हैं। डेवलप्ड कंट्रीज जितना टैक्स हम दे रहे हैं। एंड बदले में हमें क्या मिल रहा है? गवर्नमेंट स्कूल जहां पर आप अपने बच्चों को पढ़ाना ही नहीं चाहोगे। मतलब प्राइवेट स्कूल की तो आजकल इतनी ज्यादा फीस है। 4 लाख तो भाई किंडर गार्डन की फीस है। इतनी ज्यादा फीस है। गवर्नमेंट स्कूल में कोई पढ़ना नहीं चाहता ना अपने बच्चों को पढ़ाना चाहता है। फिर गवर्नमेंट हॉस्पिटल की बात करें तो भाई जो अच्छे हॉस्पिटल है वहां पर सालों की वेटिंग होती है। किसी भी अच्छे गवर्नमेंट हॉस्पिटल जैसे कि एम्स या सब दर्जन के बाहर चले जाओ। वहां पर रेलवे ट्रैक जैसी चीज होती है। सब लोग अपने टेंट वेंट लगा के बैठे हुए हैं वहां पर। सालों की वेटिंग है। और जो बेकार गवर्नमेंट हॉस्पिटल है वहां पर तो भाई आपका मरना पक्का है। फिर पीने के लिए पानी नहीं है। सांस लेने के लिए हवा नहीं है। उसके बाद रोड टैक्स और टोल टैक्स देने के बाद एक अच्छे रोड पर आप गाड़ी नहीं चला सकते। हर एक जगह गड्ढे वगैरह है। एंड गुड़गांव की बात करूं तो यहां पर इतना ज्यादा पानी भर जाता है बारिश में कि भाई आपको लिटरली बोट की जरूरत पड़ेगी। फिर कुछ लोग अगर सोचते भी है कि यार सिस्टम को चेंज करते हैं, गवर्नमेंट पेपर देते हैं, एक सरकारी अफसर बनते हैं तो पता चलता है कि गवर्नमेंट एग्जाम्स तो लीक हो रहे हैं एंड बहुत जगह तो आप पैसे देकर गवर्नमेंट ऑफिसर बन सकते हो। तो मतलब कितना ज्यादा करप्शन है हमारे सिस्टम में। और इसके बाद भी अगर कोई मेरा जैसा बंदा हिम्मत करता है इस चीज के बारे में बात करने की तो बहुत सारे लोग जो अनभक्त होते हैं अपना ज्ञान पेने लग जाते हैं। तो भाई बात यह है कि 78 इयर्स आफ्टर इंडिपेंडेंस हाउ डिड इंडिया बिकम अ लिविंग हेल? एक टाइम पर सक्सेस का मतलब था सरकारी नौकरी लगना। बट फिलहाल सक्सेस का मतलब है इंडिया छोड़ देना। और ऐसा भी नहीं है कि अमीर लोग देश छोड़ना चाहते हैं बट गरीब भी इस देश को छोड़ना चाहता है। बस चांस नहीं मिल रहा। जैसे कि रिसेंटली एक फेक न्यूज़ आई थी कि 23 लैक्स में आप दुबई का वीजा ले सकते हो। तो उसमें लोगों ने पता है क्या कमेंट किया हुआ था कि भाई फाइनली मैं इंडिया से निकल पाऊंगा। इतने पैसे तो मेरे पास है। कहां पर अप्लाई करना है?

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मेरे को बता दो। मेरे को इंडिया छोड़ना है। कितने पैसे लगेंगे? ऐसे कमेंट्स थे इन रील्स के नीचे। बट आप कहोगे कि भाई हमें क्या फर्क पड़ता है? किसी को जाना है तो जाए या अमीर लोग निकल रहे हैं तो जाए। हम मिडिल क्लास लोगों को क्या फर्क पड़ता है? हमें तो अपनी जिंदगी ऐसे ही काटनी है। बट भाई आपसे ज्यादा फर्क किसी को नहीं पड़ता। जो जितने भी लोग जो हैं जो इंडिया छोड़कर जा रहे हैं वो तो निकल रहे हैं। बट एक्चुअल में सारा का सारा बर्डन आपके ऊपर आने वाला है। आपके पेरेंट्स पर आएगा। आपके बच्चों पर आएगा। एंड आज की इस वीडियो में मैं यही डिस्कस करने वाला हूं कि इन अमीर लोगों का हमारे देश को छोड़ना आपको कैसे इफेक्ट करेगा। तो इस वीडियो को एंड तक जरूर देखना। लॉट ऑफ इंडियन आर लिविंग या इंडिया। भारत के 22% लोग क्यों छोड़ रहे हैं देश? मेनी स्टूडेंट्स आर गेटिंग रेडी टू गो टू फॉरेन यूनिवर्सिटी। तो ऐसा क्यों हो रहा है कि अमीर लोग जो है भारत में नहीं रहना चाहते हैं। पिछले कुछ सालों में लोगों में एक अलग खून समाज हुआ है। वो लोग विदेशों की तरफ 2.8 मिलियन फॉरेन नेशनल माइग्रेटेड टू एन ओईपीडी कंट्री। यू नो हु टॉक टू इंडियंस। आपने काफी सारे न्यूज़ चैनल में सुना होगा कि भाई इंडिया इज द फिफ्थ लार्जेस्ट इकॉनमी इन द वर्ल्ड। टू बिकम द फिफ्थ लार्जेस्ट इकॉनमी नेक्स्ट ईयर। फिफ्थ लार्जेस्ट इकॉनमी। आज भारत दुनिया की पांचवी बड़ी अर्थव्यवस्था है। एंड काफी सारे लोग यह भी बोलते हैं कि भाई थर्ड लार्जेस्ट भी बहुत ही जल्द बनने वाली है। तो आखिर अगर इतना ज्यादा पोटेंशियल है तो यह अमीर लोग इंडिया छोड़ क्यों रहे हैं?

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तो आज मैं आपको एक हकीकत बता देता हूं। अगर आपकी इंडिया में बहुत बढ़िया सैलरी है। सपोज आप किसी कंपनी के वीसीओ हो एंड आपकी 7 करोड़ की सैलरी है तो भाई उसमें से 3 करोड़ तो आपको टैक्स में ही देना पड़ेगा। इतना ज्यादा हाई टैक्स है हमारी कंट्री में। उसके बाद मैंने आपको बता ही दी कि सर्विज क्या मिल रही है। वहीं अगर एक बिजनेसमैन है वो 20 करोड़ भी कमाए बट झोल कर कर आके वो अपना प्रॉफिट कम दिखा सकता है एंड वो कम से कम टैक्स दे सकता है। मतलब उसको भी टैक्स देना पड़ेगा। बट एक सैलरीड पर्सन से अगर मैं कंपेयर करूं तो काफी कम टैक्स देना पड़ता है एक बिजनेसमैन को। उसके बाद भाई अगर आप अपनी इनकम को किसी तरीके से एग्रीकल्चर इनकम दिखा देते हो तो भाई फिर आप चाहे साल के 506 करोड़ कमाओ आपको ₹ का टैक्स देना पड़ेगा। एंड ऐसे काफी सारे पावरफुल लोगों ने किया भी हुआ है। फिर चाहे वो सुहाना खान हो या फिर अमिताभ बच्चन हो। इन्होंने दिखाया कि हमारी इनकम एग्रीकल्चर से आ रही है। इसलिए हम कोई भी टैक्स नहीं दे पाएंगे। उसके बाद सुनो भाई तुम लोग। उसके बाद अगर आपकी एक पॉलिटिकल पार्टी है। फिर चाहे वो पार्टी 6000 करोड़ का रेवेन्यू करे। आपको पता है कितना टैक्स देना पड़ेगा? जीरो। इसके अलावा अगर आपकी आईपीएल फ्रेंचाइजी है। आईपीएल से रिलेटेड बिजनेस है। चाहे आपकी 13,000 करोड़ की भी इनकम हो, टैक्स आपको जीरो देना पड़ेगा। मतलब पूरा का पूरा टैक्स सिर्फ उन लोगों को देना है जो सैलरीड है जो कि वाइट में इनकम कर रहे हैं उनको टैक्स है।

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बट जितने भी लोग ब्लैक से कमा रहे हैं उन पर कोई भी टैक्स नहीं है ना ही कोई स्ट्रिक्ट लॉस है। एंड इसीलिए जितने भी लोग वाइट से पैसे कमा रहे हैं वो सारे इंडिया छोड़कर जा रहे हैं। एंड जितने भी लोग ब्लैक से पैसा कमा रहे हैं वो अभी भी इंडिया में है ताकि वो ज्यादा से ज्यादा पैसा यहां से कमा पाए। और इसमें तो कोई भी सीक्रेट नहीं है कि जब भी एक मिलियर दूसरी कंट्री में जाता है सपोज कोई इंडिया छोड़ के दुबई जाता है तो दुबई को बहुत ज्यादा बेनिफिट मिलता है क्योंकि भाई जब मिलेयर बंदा दुबई जाएगा तो वहां पे खर्चे भी करेगा मतलब अपने पैसे वो दुबई को दे रहा है उसके बाद अगर कोई बिजनेसमैन बाहर रहता है तो वो कुछ ना कुछ इनकम सोर्स बनाने की सोचेगा वहां पर इन्वेस्टमेंट करेगा नया बिजनेस शुरू करेगा जिससे लोकल्स को भी पैसा मिलेगा एंड एट द फाइनली जो कंट्री है उसकी इकॉनमी भी बेटर होगी। तो भाई देखा जाए तो जिस देश में वो अमीर आदमी जा रहा है उस देश को फायदा होगा एंड अमीर आदमी को भी फायदा होगा। बट नुकसान सिर्फ और सिर्फ मेरे एंड आपके जैसे मिडिल क्लास लोगों को होगा। क्योंकि भाई हमारे देश की गवर्नमेंट को तो पैसा चाहिए ना देश चलाने के लिए। यह फ्री बिजली फ्री पानी कहां से आ रहा है? हम लोगों के पैसों से ही आ रहा है। जो हम लोग टैक्स भर रहे हैं। उससे सरकार सारी चीजें कर पा रही है। उसी से रोड बनाती है। उसी से इवेंट करवाती है। उसी से फ्री बिजली, खाना, पानी देती है। हमारे पैसों से जो हम लोग देते हैं। एंड सबसे इंटरेस्टिंग बात यह है कि इंडिया में सिर्फ 2 से 3% लोग ही टैक्स देते हैं। बाकी 96 टू 97% कोई भी टैक्स नहीं देता। जबकि डेवलप्ड कंट्रीज में अगर मैं यूएसए की बात करूं तो वहां पे 50% लोग टैक्स देते हैं। एंड यूके की बात करूं तो वहां पे 60% टैक्स देते हैं। मतलब कि यह जो मिलेयर्स इंडिया से जा रहे हैं ये जो प्रेशर छोड़ के जा रहे हैं वो सारा का सारा सिर्फ 2 से 3% ऑडियंस के ऊपर ही है। जो इंडिया में जो टिए वन में रह रही है जिनके पास मेरी ये वीडियो पहुंच रही है। और बदले में क्या मिलता है? पोल्यूशन भाई मैं दिल्ली में रहता हूं और अभी दिवाली का टाइम चल रहा है। विंटर्स आ रही है। एंड इतना ज्यादा पोलशन है यहां पर आप सांस नहीं ले सकते। मतलब ब्रायन जॉनसन तो निखिल कामात के पडकास्ट से उठ के चला गया था। इतनी इंटरनेशनल न्यूज़ बनी थी। इतनी ज्यादा बेइज्जती हुई थी हमारे देश की। एंड अगर आप दिल्ली में रहते हो एंड अगर आप स्मोकिंग नहीं भी करते तब भी आप 10 सिगरेट रोज की फूंक रहे हो। एंड एक दिल्ली आइड का जो एवरेज एज होती है वो 10 साल से कम हो जाती है सिर्फ और सिर्फ क्योंकि पोलशन इतना ज्यादा है यहां पर एंड हमारी गवर्नमेंट कुछ भी नहीं कर रही। मेरे को याद है जब मैं कनाडा में था एंड वहां पर तीन-चार भी पोलशन पहुंच जाता था तो वार्निंग आ जाती थी कि भाई पोलुशन काफी ज्यादा बढ़ चुका है क्योंकि यूजली वहां पर एक या दो ही एक्यूआई होता था बट अगर मैं दिल्ली की बात करूं तो यहां पर 999 पहुंच जाता है एक क्यूआई एंड इससे ज्यादा इसलिए नहीं पहुंच पाता क्योंकि मीटर्स उसको मेजर ही नहीं कर सकती इतना ज्यादा पोलशन होता है। फिर अगर मैं पानी की बात करूं तो भाई वो भी बहुत ज्यादा पॉल्यूटेड है।

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अगर आप किसी भी डेवलप कंट्री में जाओगे फिर चाहे यूएसए, कनाडा, यूके हो गया वहां पर आप डायरेक्टली नल से पानी पी सकते हो। जो सिंक होता है उससे आप पानी पी सकते हो। बट इंडिया में आपको उसका एक्स्ट्रा खर्चा करवाना पड़ता है। आपको आरओ लगवाना पड़ता है अगर आपको पानी पीना है तो। तो भाई हवा पानी तो हर एक बंदे की बेसिक नेसेसिटी है। इतना तो गवर्नमेंट को करना चाहिए कि भाई एटलीस्ट हवा पानी साफ हो। बट चलो वो भी साफ नहीं है। कोई नहीं। उसके बाद गवर्नमेंट स्कूल्स की इतनी बुरी हालत है। कोई कुछ पढ़ाता नहीं है। वहां पे दीवारें टूटी हुई होती है। टेबल चेयर टूटी हुई होती है। और फिर मैं हॉस्पिटल की बात करूं तो उसकी हालत और ज्यादा बेकार है। अगर आप किसी भी अच्छे गवर्नमेंट हॉस्पिटल में चले जाओगे वहां पर पहले आपको बेड नहीं मिलेगा। एंड अगर आप किसी भी हॉस्पिटल के बाहर देखते हो, एम्स के बाहर देखते हो तो वहां पर लिटरली लोगों ने एक छोटा सा स्लम बना लिया है। जहां पर उस बीमार आदमी के सारे रिलेटिव्स और फैमिली मेंबर्स रहते हैं। उसके बाद भाई डॉक्टर्स की कमी है, बेड्स की कमी है। उसके बाद जो बेड्स वगैरह है वहां पर भी रैट्स वगैरह बिल्कुल अनटाइडी रखते हैं वो चीजों को। एंड वॉशरूम तो इतने ज्यादा बेकार है जिसकी कोई हद नहीं है। उसके बाद सबसे बड़ी बात यह है कि हॉस्पिटल तक सेफ नहीं है। मतलब आपने कोलकाता का केस तो सुना ही होगा कि कैसे एक बेचारी डॉक्टर को किसी ने रेप कर दिया था हॉस्पिटल के अंदर। तो इतनी बुरी हालत है हॉस्पिटल्स की। तो भाई एक मिडिल क्लास बंदा इतनी मेहनत करता है उसके बाद टैक्स देता है एंड उसके बदले में उसको कोई भी आरओआई नहीं मिलता। ना अच्छे रोड है ना अच्छा इंफ्रास्ट्रक्चर है गुड़गांव में मुंबई में कहीं पर भी बारिश हो जाती है तो बहुत ज्यादा पानी भर जाता है। फिर क्लीननेस तो है ही नहीं सिटीज में कहीं पर भी। वाटर क्राइसिस है। बहुत जगह आपको टैंक भी ऑर्डर करने पड़ते हैं पानी के लिए। मतलब पानी भी नहीं है। फुटपाथ नाम की तो कोई चीज ही नहीं है इंडिया में। ऊपर से इतना ज्यादा साउंड पोलशन भी होता है। हम लोग इंडिया में रहते हैं इसलिए हमें रियलाइज नहीं होता। बट अगर आप किसी भी डेवलप्ड कंट्री में जाओगे तो भाई वहां पर हॉर्न बजाना भी अलाउड नहीं है। एंड इंडिया में तो बहुत एक सेकंड थॉट भी नहीं देते लोग हॉर्न बजाने से पहले। इतना ज्यादा साउंड पोलशन भी है यहां पर। इसके बाद भाई गवर्नमेंट डिसीजन सुन लो तो आपको हंसी आ जाएगी। पहले बोलते कि हम लोग कुत्तों को हटा देंगे। उसके बाद कहते हैं कि हमारा इतना बजट नहीं है। कुत्ते यहीं पे रहेंगे। मतलब इतना बड़ा डिसीजन ले लिया सुप्रीम कोर्ट ने। उसके बाद उस डिसीजन को ऐसे के हटा दिया। ऐसे डीममनेटाइजेशन था। एक ही रात में इतने लोगों के जो करियर्स खराब कर दिए। इतने लोगों ने पैसे रखे हुए थे सारे के सारे खराब हो गए। ब्लैक मनी तो आया नहीं बट जो लोगों की मेहनत से कमाई हुई कमाई थी वो भी चली गई। उसके बाद भाई जीएसटी चेंज करते रहते हैं। क्रिप्टो पर 30% टैक्स कर दिया। इसलिए बहुत सारे लोग बहुत सारे इन्फ्लुएंसर्स भी दुबई शिफ्ट हो गए क्योंकि वहां पर जीरो टैक्स है तो वो लोग चले गए हैं। उसके बाद फेक इलेक्शन कमीशन चलते रहते हैं। एंड उसके बाद फार्मर्स पर भी इतने ज्यादा प्रोटेस्ट वगैरह होते रहते हैं। मतलब ये सारी चीजें चलती रहती है। मतलब गवर्नमेंट पहले डिसीजन लेती है फिर अपने डिसीजंस को ही चेंज कर देती है। मतलब एकदम मजाक चल रहा है क्या? उसके बाद अगर कोई बच्चा सोचता है कि यार इन सब चीजों को हटा के अपनी पढ़ाई पर फोकस करता हूं। गवर्नमेंट एग्जाम निकालता हूं तो पता चलता है कि भाई गवर्नमेंट पेपर ही लीक हो रहे हैं।

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मतलब नीट इतना बड़ा पेपर है वो भी लीक हो रहा है। उसके बाद एसएससी भी लीक हो जाता है। मतलब ₹10 ₹100 में भी तो एग्जाम्स के पेपर भी मिल जाते हैं। एंड बहुत सारी तो ऐसी जॉब्स है स्टेट की जो जॉब्स होती है जहां पर आप लाखों रुपए देकर अपनी एक सीट सिक्योर कर सकते हो। बहुत सारी ऐसी जॉब्स है। बहुत सारी जॉब्स ऐसी मिली है लोगों को। मतलब अपनी आधी से ज्यादा सैलरी टैक्स और जीएसटी में देने के बाद आपको मिल क्या रहा है? आपको एक्स्ट्रा ही खर्चे करने पड़ रहे हैं। मतलब प्राइवेट स्कूल में जाओगे तो उसके एक्स्ट्रा पैसे देने हैं। प्राइवेट कॉलेज में जाओगे तो उसके लाखों रुपए देने हैं। प्राइवेट हॉस्पिटल में पैसे देने, प्राइवेट सोसाइटी में पैसे देने हैं। मतलब आपको इतना टैक्स देने के बाद भी कोई भी फैसिलिटी नहीं मिल रही। आपको और ज्यादा पैसे लगाने ही पड़ रहे हैं। किंडर गार्डन की फी भाई ₹4 लाख पहुंच चुकी है। ऐसे अगर कोई बच्चा पैदा होता है हॉस्पिटल में उसको बाहर ले जाने तक के 2 से ₹ लाख लग जाते हैं। जबकि काफी सारी चीजें फ्री है फॉरेन कंट्रीज में। एंड भाई इतना सब कुछ सहने के बाद क्योंकि इंडिया की 95% पॉपुलेशन बहुत ज्यादा पुअर है। वह देश छोड़ना अफोर्ड नहीं कर पाते इसलिए यहां पर रह रहे हैं। नहीं तो जि

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