
क्या अमेरिका और इजराइल की जोड़ी ने ईरान पर सीधा हमला करके उनके सर्वोच्च नेता अली खामनोई का खात्मा कर दिया? क्या डोनल्ड ट्रंप और नेतन याू ने अपने सबसे बड़े दुश्मन को मौत के घाट उतार दिया है? और अगर उतारा है तो क्या दुनिया में अब शांति आएगी या फिर पूरी दुनिया एक ऐसी आग में झोंक दी जाएगी जिसका अंत क्या होगा वो किसी को नहीं पता। 28 फरवरी 2026 को ईरान पर हमले होने शुरू हो गए। ईरान पलटवार कर रहा है। तीन दुनिया के बड़े देश इजराइल, अमेरिका, ईरान तीन अलग-अलग ऑपरेशंस चला रहे हैं। इन ऑपरेशन में दिनभर में सैकड़ों लोग मारे गए हैं। लेकिन इन सैकड़ों लोगों के मारे जाने के बीच में जब यह खबर आई कि ईरान के सबसे बड़े रहनुमा का अंत हो गया। तो इस खबर ने दुनिया की सांसे रोक दी। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन ने नितन याू यह दोनों कह रहे हैं कि हमने अपने सबसे बड़े दुश्मन और एक बड़े एविल यानी शैतान को मार गिराया है।
उनकी रहस्यमई चुप्पी कई कहानियों को बयां कर रही है और इन कहानियों के बीच में मोसाद का वो ट्रैक रिकॉर्ड जो यह दावा करता है कि मोसाद जिसके पीछे पड़ा उसको खत्म कर दिया। क्योंकि मोसाद को लेकर यह माना जाता है कि मोसाद के पास जानकारी अपने दुश्मन के बेडरूम तक होती है। सवाल यह कि क्या मोसाद ने ट्रैप करके खामनोई उनके साथ वालों को मरवा दिया? क्योंकि युद्ध आमतौर पर रात में होते हैं। बैठक सुबह सवा5 बजे हो रही थी। सवा5 बजे क्या सब एक साथ बैठे और उसी वक्त किसी ने जानकारी दी और मोसाद इजराइल ने वहां पर बम बरसाकर सबको एक साथ खत्म कर दिया? या फिर यह मोसाद का एक बड़ा साइकोलॉजिकल वॉर है। यह सवाल बड़ा महत्वपूर्ण है और इससे बड़ा सवाल यह है कि ईरान की जनता अब क्या करेगी? क्योंकि चाहे नेतन याहू हो या फिर डोन्ड ट्रंप वो ईरान की जनता से कह रहे थे कि देखो हम तुम्हारे लिए कर रहे हैं। लेकिन जब ईरान की सड़कों पर सैकड़ों बच्चों का कत्ल हुआ।
क्योंकि दुनिया के अलग-अलग मुल्क जो हैं वह अलग-अलग तरफ घटते बढ़ते जा रहे हैं। कोई ईरान की तरफ जा रहा है, कोई अमेरिका की तरफ जा रहा है। और सवाल यह है कि क्या क्या ट्रंप ने तनयाहू ने विश्व को वर्ल्ड वॉर की तरफ भेज दिया है या खामनोई का खात्मा करके ईरान का नक्शा बदल दिया है और एक नए दौर की शुरुआत कर दी है
नमस्कार, मैं हूं रईस आलम आज यह पोस्ट बड़ा महत्वपूर्ण है। इसलिए हमारी आपसे गुजारिश है कि अगर आपके पास समय है तभी इस पोस्ट को देखें क्योंकि इस पोस्ट में आपके मन में इजराइल अमेरिका वर्सेस ईरान युद्ध के सारे सवालों के जवाब देंगे। खाबनोई के जिंदा रहने, ईरान के पलटवार करने की सारी बातें जो है हम आपको बता रहे हैं। हमारी आपसे गुजारिश है कि अब जब ये युद्ध की शुरुआत हो गई है तो आप हमारे WhatsApp चैनल को सब्सक्राइब कर लें ताकि सही खबर हम आप तक पहुंचा सकें क्योंकि युद्ध के दौरान सबसे जल्दी या पहली जंग जो लड़ी जाती है वो इंफॉर्मेशन की होती है। फेक न्यूज़ की होती है। ऐसे में जब दुनिया भरी खबरें वायरल है तो आप तक सच्ची और सटीक खबरें हम पहुंचाते रहेंगे। आप WhatsApp पर जुड़ेंगे तो पोस्ट अपने आप आप तक पहुंच जाएंगे।लिंक हमने इमेज मे डाल रखा है।
अब सवाल पहला क्या खामनोई के अंध के साथ ईरान का परमाणु खेल खत्म?

क्योंकि इजराइल ने इस मिशन को ऑपरेशन लायन रोड नाम दिया था। शेर की दहाड़। अब खबर ये आ रही है कि यह हमला इतना सटीक था इजराइल का कि खामनोई उसके परिवार के सदस्य जिसमें दामाद, बहू सब मर गए। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि तेहरान का वो जो अभेद कॉम्प्लेक्स था उस पे एक साथ बंकर बस्टर मिसाइलें दागी। इतना भयंकर धमाका था कि संभलने का मौका ही नहीं दिया गया। इजराइल ने प्लानिंग के तहत रात के अंधेरे का इंतजार नहीं किया। सुबह सवा5 बजे दिन के उजाले में हमला किया। रिपोर्ट ने तो कह दिया कि 40 सबसे बड़े नेता शीर्ष अधिकारी एक साथ मारे गए हैं। रिपोर्ट में तो यह भी दावा किया जा रहा है कि नेतन याू ने खामोनोई की लाश को देखा है। डॉनल्ड ट्रंप ने खुद ट्वीट कर दिया कि अब खामनोई मर चुके हैं। ईरान की पूरी हुकूमत जो है उसके सिर को हमने काट दिया है। ट्रंप ने यहां तक कहा कि अब ईरान को इससे निकलने में दशकों लग जाएंगे। हालांकि यह दावे अब तक सत्य नहीं है, पुष्टि नहीं हुई। लेकिन जिस बात की पुष्टि हुई है, उसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है।
क्योंकि यह ऑपरेशन लयन रो के बीच दुनिया ने तबाही की तस्वीरें देखी। ईरान के दक्षिण इलाके से मीनाब से एक स्कूल पर हमला होता है। 108 मासूम बच्चे मर जाते हैं। जो तस्वीरें आई वो आंखों से आंसू निकालने वाली थी क्योंकि कोई पिता अपनी बच्ची के खिताब को पलट रहा था। कोई बैग से अपने बच्चों को पहचान रहा था। 108 मासूम बच्चे अमेरिका, इजराइल और ईरान की लड़ाई की भेंट चढ़ गए। वॉलीबॉल की 20 महिला खिलाड़ियां इसकी भेंट चढ़ गई। ईरान में 200 से अधिक लोग मर चुके हैं। मासूमों और खिलाड़ियों के खून से सनी जमीनें जो है वो चीख-चीख कर गवाही दे रही हैं कि जंग केवल सेना तक नहीं है। वो जो दावा किया जा रहा है कि हम टारगेटेड अटैक कर रहे हैं वो सच नहीं है। एक काला सच और है और वो मासूमों के खून से लिखा जा रहा है। और इन सबके बीच में वो सवाल है कि अगर खामोनोई उस कमरे में मार दिए गए तो क्या तेहरान के भरोसेमंद घेरे में कोई गद्दार बैठा था?
मोसाद पहले भी कर चुका है। ईरान की टॉप लीडरशिप में टॉप पदों तक वो अपने स्पाई को बैठा चुका है। और अगर इस बार यह हुआ है और यह खामनोई मारे गए हैं तो ईरान की मोसाद ने फिर वही करवाया है। किसी गद्दार को बैठाया ईरान की फौज में खामनोई के आसपास जिसने मोसाद को पल-पल की लोकेशन और ऑपरेशन रोड को सक्सेसफुल कर दिया। डॉनल्ड ट्रंप अमेरिका जिनका ऑपरेशन एपिक फ्यूरी वो भी यह दावा कर रहा है कि हमने तेहरान की रीड की हड्डी को तोड़ दिया है। नेतृत्व खत्म कर दिया है। यह दावा किया जा रहा है कि मलबा जो था उसमें खामनोई की पहचान वाली अंगूठी मिली है जो इस खबर को पुख्ता कर रही है। तो क्या किसी गद्दार ने ईरान को अंदर से पूरी तरह तोड़ दिया?
खामनोई के शासन ने खत्म कर दिया। वो खामनोई जो बीते 40-50 साल से हर चीज से लड़कर जिंदा थे। जिन्हें ईरान में अमर जैसा माना जा रहा था वो अब एक बार में युद्ध की शुरुआत पे ही खत्म हो गई या फिर ये लड़ाई बाकी है। फतेह खबर बाकी है। खामनोई की मौत के दावे अधूरे हैं। देखो ईरान ने पलटवार तो किया है। खामनोई जिंदा है या मर गए यह पता नहीं। लेकिन ईरान ने प्रतिशोध में पलटवार किया और नाम दिया है फतेह खैबर। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने जब प्रतिशोध का बटन दबाया तो 400 से अधिक बैलस्टिक मिसाइलें और सुसाइड ड्रोन जो हैं वो आग के गोलों की तरह आसमान में उड़े।
ईरान का संदेश साफ था कि अगर हमारे घर पर हमला करोगे तो दुनिया में कोई सुरक्षित नहीं है। आधी रात को ईरान की मिसाइलें दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट को दहला रही थी। वो बहरीन को दहला रही थी। क़तर को दहला रही थी। शिया और सुन्नी देश के जरिए एक मुस्लिम एकता का दावा जो था वह खोखला पड़ रहा था क्योंकि शिया देश ईरान ने अपने आसपास के छह सुन्नी देशों पर हमला किया था। यह कहते हुए कि तुम अमेरिका का साथ दे रहे हो। हमला तुम्हारे घर में भी। दुबई एयरपोर्ट इसका नतीजा है। चार लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। दुबई जैसे अलीशान शहर में आज खौफ का मंजर है कि लोग लग्जरी छोड़कर अंडर ग्राउंड पार्किंग लॉट में शरण ले रहे हैं। घबराए हुए हैं, कांप रहे हैं। बुर्ज खलीफा के बगल में मिसाइल गिरी है। तमाम बड़े-बड़े होटलों पर मिसाइल गिरी है।
इजराइल, अमेरिका और ईरान की लड़ाई अब धीरे-धीरे दुनिया के कई मुल्कों की लड़ाई बनती जा रही है। और सवाल इसीलिए बार-बार यह उठ रहा है कि क्या अब दुनिया जो है वो विश्व युद्ध की तरफ बढ़ते हुएं
तेहरान की सड़कों पर अजीब सा मंजर है। तेहरान में कहीं पर लोग जश्न मना रहे हैं। कहीं लोग नाच गा रहे हैं। कहीं लोग डर के साए में जी रहे हैं। कहीं अपने बच्चों की मौत पर आंसू बहा रहे हैं। तेहरान में भी यह खबर फैली है कि मर गए हैं खम। बहुत सारे लोगों के पटाखे फोड़ते जश्न मनाते वीडियोस आ रहे हैं। इजराइल में लोग नाच रहे हैं। की मौत हो गई है। वो भरोसा कर रहे हैं। मौत हुई है नहीं हुई है ये अगले 24 घंटे में साफ हो जाएगा। और इसी के साथ साफ हो जाएगा कि दुनिया क्या होने वाला है क्योंकि अब दुनिया में कीमतें आसमान को छूने वाली है। हाहाकार मचने वाला है। लेकिन सवाल यह है कि क्या दुनिया विश्व युद्ध में जाने वाली है? अबू धाबी की तरह खाड़ी के इतिहास को अब बदला जाएगा? क्या वाकई खामनोई की मौत हो गई है या फिर इस्लामिक रिपब्लिक के पूरे वजूद के अंत की शुरुआत हो गई है?
सच कहें तो अगले 24 घंटे तय करने वाले हैं कि दुनिया इस महायुद्ध की आग में झुलसेगी या एक नई आजाद सुबह का सूरज देखा जाएगा।
अमेरिका–इजराइल का दावा और ईरान का पलटवार

Donald Trump और Benjamin Netanyahu के बयानों में यह संकेत मिला कि उन्होंने ईरान की “रणनीतिक रीढ़” पर वार किया है। इजराइल ने कथित तौर पर अपने ऑपरेशन को आक्रामक नाम दिया और कहा कि लक्ष्य ईरान के शीर्ष सैन्य ढांचे को कमजोर करना था। कुछ मीडिया रिपोर्टों में यह भी दावा हुआ कि ईरान के कई वरिष्ठ कमांडर मारे गए।
जब ईरान के सर्वोच्च नेता उनके 40 से अधिक टॉप कमांडर्स को मार गिराया गया तो क्या ईरान की जनता जो है वो अमेरिका इजराइल के साथ खड़ी होगी या इन मासूमों के जनाजों को देखकर महाजिहाद की तरफ बढ़ेगी। दावे रोंगटे खड़े करने वाले हैं क्योंकि इस ऑपरेशन में खामनोई के पूरे खानदान को निशाना बनाने की बात कही जा रही है। दुनिया डरी हुई है। भारत भी डरा हुआ है क्योंकि जिस तरह से हमले हो रहे हैं उसने 90 लाख भारतीयों को इस जलती हुई खाड़ी में असुरक्षित कर दिया और भारत के मन में डर यह है कि क्या वो अपने लोगों को यहां से सुरक्षित निकाल पाएगा
क्या उसके लोग सुरक्षित हैं? सवाल दुनिया को लेकर भी क्या दुनिया विश्व युद्ध की तरफ बढ़ने वाली है?

क्योंकि दुनिया के अलग-अलग मुल्क जो हैं वह अलग-अलग तरफ घटते बढ़ते जा रहे हैं। कोई ईरान की तरफ जा रहा है, कोई अमेरिका की तरफ जा रहा है। और सवाल यह है कि क्या क्या ट्रंप ने तनयाहू ने विश्व को वर्ल्ड वॉर की तरफ भेज दिया है या खामनोई का खात्मा करके ईरान का नक्शा बदल दिया है और एक नए दौर की शुरुआत कर दिया
हालांकि इजराइल और अमेरिका के अटैक में ईरान को नुकसान बहुत हुआ है। नुकसान उनके रक्षा मंत्री की मौत और उनके कमांडर्स की मौत को लेकर क्योंकि इस युद्ध का सबसे सनसनीखेज और खौफनाक मुर तबाया जब यह खबर पुख्ता हुई कि ईरान के रक्षा मंत्री अजीज और आईआरजीसी के कमांडर जनरल मोहम्मद पाकपुर एक सटीक मिसाइल हमले में मार। हमला जो था वो खामनोई के निवास पर भी किया गया। हालांकि उस वक्त वहां वो थे नहीं। अमेरिका इजराइल का यह हमला ईरान के दिमाग पर वार करने जैसा था। क्योंकि किसी भी देश के लिए उसके रक्षा मंत्री और उसके सबसे बड़े सैन्य कमांडर का एक साथ मारा जाना उसकी कमर को तोड़ने जैसा है।
डॉनल्ड ट्रंप जिस ईरान को अंदर से तोड़ना चाहते हैं। यहां पर उस ईरान की जनता पर दुनिया की निगाहें हैं कि क्या इनकी मौत ने उसे एकजुट तो नहीं कर दिया? क्या ईरान का नेतृत्व उन लोगों के हाथ में जाएगा जो पहले से कहीं ज्यादा कट्टर आत्मघाती हो सकते हैं? यह खूनी खेल अब एक ऐसी व्यक्तिगत दुश्मनी में बदल चुका है जिसका अंत शायद किसी महाविनाश के नाम पर होगा। जिसकी भयावता आगे आने वाले समय में आपको दिखेगी। लेकिन इससे पहले एक सवाल कि क्या डोन्ड ट्रंप ने जो वेनेजुला के साथ धोखा किया था वही धोखा ईरान के साथ? शांति के सफेद झंडे के नीचे खूनी खंजर। सवाल महत्वपूर्ण यह है कि यार यह हमला हुआ अचानक से या पहले से तैयारी थी वाशिंगटन में, यरूशलेम में। कई जानकार ये कहते हैं कि पिछले एक महीने से डॉनल्ड ट्रंप ने पूरी दुनिया के साथ एक छलावा किया। जिसकी मिसाल इतिहास में नहीं मिलती।

