क्या एक साधारण कार ब्लास्ट इतना भयावह हो सकता है कि 10 लोगों की जान चली जाए?या इसमें वो आतंकी कनेक्शन है। इस गाड़ीका आतंकी कनेक्शन है। उस नदीम का आतंकी कनेक्शन है। उस सलमान का आतंकी कनेक्शन है। उस डॉक्टर का आतंकी कनेक्शन है। एक इंसान जो कभी जिंदा था जिसके सीने मेंधड़कन थी।


जो कभी सांसे ले रहा था अब वोसिर्फ मांस के टुकड़ों में रहकर रह गयाहै। हम जिधर जा रहे हैं उधर कुछ ना कुछ तस्वीर ऐसी आ रही है जो दिल को जकझोर देनेवाली है। और बार-बार ये तस्वीरें जब हम देखते हैं ये टुकड़े हम देखते हैं तो मनमें ये सवाल आता है क्या ये सिर्फ एक साधारण कार दुर्घटना थी?

लाल किले को इसलिए चुना गया क्योंकि लाल किला एक ऐसी जगह है जहां पर भीड़भाड़ ज्यादा होती है। क्या यह फिदा हमला था जिसमें अंदर बैठकेहुए लोगों ने खुद को उड़ा लिया।या फिर ये उस इजराइली एम्बेसी के बाहर जोघटना हुई थी जिसमें बम लगा दिया गया था।उस मॉडल पर घटित हुई घटना थी।

यह सवाल अभी भी सबके मन में है कि वो घटना आतंकवादी घटनाहै या फिर एक दुर्भाग्यपूर्ण कार की दुर्घटना। लेकिन इस दुर्घटना में जो तस्वीरें आई वोआपको अंदर तक झकझोर सकती हैं। अगर आपकमजोर दिल वाले हैं तो हमारी आपसे गुजारिशहै कि जो तस्वीर हम आपको दिखाने जा रहेहैं उसे आप मत देखिएगा। यहां पर देखिएये जो हिस्सा आपको नजर आ रहा है ये किसीइंसान का जिस्म है।कुछ घंटों पहले कोई इंसान जो जिंदा रहा होगा उसका हिस्सा है जो इस तार दुर्घटना में शिकार हुआ। दरअसल जिस जगह पर हम खड़े हैं, यहां से 300 मीटर दूर तकरीबन गेटनंबर एक है पीछे।वहां पर कार दुर्घटना होती है। उसके बाद चीथड़े जो है वो उड़ने लगते हैं।यह दुर्घटना कितनी भयावह थी इसका अंदाजाआप इस बात से लगा सकते हैं कि लोगों के मांस के टुकड़े 300 मीटर दूर आकर टिके हैं। और यह सिर्फ एक इकलौता हिस्सा नहीं है। प्रत्यक्षदर्शी कहते हैं कि यहां परबहुत सारे मांस के टुकड़े मौजूद थे जो बादमें हटा दिए गए। कई और तस्वीरें ऐसी हैं जो आपको हिला कर रख देंगे। जैसे यहां परएक हिस्सा देखिए किसी शख्स की उंगली है और ये तस्वीरें विचलित करने वाली है। येतस्वीरें आपको परेशान करने वाली हैं। येपरेशान इसलिए भी करने वाली है क्योंकि कोई शख्स कभी जिंदा रहा होगा। इनमें सांस रहीहोगी। पर अब यह मांस का टुकड़ा बन चुकाहै।

दिल्ली की यह घटना हर किसी को झोर रही है।अब तक ये स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह आतंकवादी घटना है या फिर ये घटना जो है एक हादसा है। लेकिन जिस तरह की तस्वीरें आई हैं जैसे मैं आपको दिखाता हूं। 300 मीटर दूर से गाड़ी का एक हिस्सा जो है वो टूट कर यहां पर आता है। वो देखिए आप। यह गाड़ीका हिस्सा है जो हम आपको दिखा रहे हैं और जिस तरह से यह ब्लास्ट हुआ है उसके बाद यह सवाल उठ रहा है कि क्या वाकई में ये कार दुर्घटना थी या फिर कोई गहरी साजिश क्योंकि देश भर में जिस तरह से आतंकी मॉड्यूल निकल कर सामने आ रहे हैं जिस तरहसे लोगों की गिरफ्तारियां हो रही हैं जिस तरह से एक के बाद एक आतंकवादी कनेक्शन बताए जा रहे हैं उसके बाद मन में कहीं नाकहीं संदेह जरूर होता है और यहां मौजूद होने के बाद जब आप 300 मीटर की दूरी पर हैं बार-बार मैं स्पष्ट कर दूं कि 300मीटर की दूरी पर हम हैं। अगर एक नॉर्मल कार में जिसमें सीएनजी सिलेंडर कहा गया बाद में फिट कर दिया गया। अगर एक साधारण कार दुर्घटना थी तो क्या शरीर के हिस्से 300 मीटर दूर छटक कर यहां आते? क्या हाथों की उंगलियां टूट कर वहांगिरती? यह 300 मीटर दूर कार का हिस्सा है। अब बताया जा रहा है कि जिस गाड़ी में यह ब्लास्ट हुआ उस गाड़ी में कुछ लोग सवारथे। चलती गाड़ी में यह हादसा होता है। i20कार थी। इस गाड़ी को लेकर जो जानकारी सामने आई है वो यह है कि यह सलमान नाम की किसी व्यक्ति की गाड़ी थी। सलमान के पास हरियाणा पुलिस गई। पता लगा कि ओखला में ये गाड़ी बेची गई थी। सलमान को हिरासत में लिया गया। उससे पूछताछ शुरू हुई। पूछताछमें उसने खुलासा किया कि ये गाड़ी उसने डेढ़ साल पहले बेच दी थी। फिर जब कड़ियां जोड़ी गई तो पता लगा कि ये गाड़ी नदीम नामके किसी शख्स को बेची गई थी। नदीम के बारे में जानकारी निकल कर आई है वो यह है कि नदीम फरीदाबाद में भी था लेकिन मूल रूप से वह पुलवामा का रहने वाला था। पुलवामा का नाम आते ही आपको आपके ज़हन में आरडीएक्स सरआता है। वो आतंकवादी घटनाएं आती है जिसने देश को झंझोर कर रख दिया था। वो घटनाजिसको लेकर आज भी कई सारे सवाल जिंदा है। पुलवामा का कनेक्शन क्या आतंकवादी कनेक्शन है या यह महज एक कोइंसिडेंस है? ये अपने आप में एक सवाल है। लेकिन यहां मौजूद लोग बार-बार ये सवाल पूछते हैं कि क्या सीएनजी कार्य घटना इतनी बड़ी हो सकती है कि 300 मीटर दूर तक ये परखच्चा पड़ा रहे? क्या यह केवल इत्तेफाक है कि फरीदाबाद के अंदर ही आईडी मिलता है और उसी फरीदाबाद में वोतारीख मिलता है जिसका कनेक्शन इस गाड़ी से होता है जो मूल रूप से पुलवामा का रहने वाला है या फिर फरीदाबाद में वो गिरफ्तारी का तारीख से कोई कनेक्शन है वो जो कारवाईगुजरात एटीएस ने की थी उसका कनेक्शन है वो पिछले तीन-चार दिनों में जो कारवाईयां हुई हैं क्या उनका कोई कनेक्शन है यह सवाल बड़ा महत्वपूर्ण हो चला है और इसी सवाल को लेकर जांच जारी है आतंकवादी कनेक्शन कीथ्योरी पर जोर इसलिए भी दिया जा रहा है क्योंकि लाल किले की इस घटना के तुरंत बाद एक थ्योरी चल रही थी कि यह सीएनजी कार में हुई घटना है।

दूसरी थ्योरी जो थी वो आतंकवादी कनेक्शन को लेकर थी। लेकिन आतंकीकनेक्शन को लेकर जोर इसलिए बार-बार जा रहा है क्योंकि जब अमित शाह यहां पहुंचे तो अमित शाह देश के गृह मंत्री होकर उन्होंनेदो बातें बड़ी स्पष्ट तौर पर कही। एक कि आठ से अधिक लोगों की मौत हुई है और दूसरी बात कि हर एंगल से जांच जारी है। 6:52 की घटना के बाद रात को 11 12:00 बजे तक जब तक यहां पर भीड़भाड़ थी। अधिकारियों का आना जाना था। तो हमने यह देखा कि यहां परएनआईए की टीम पहुंची थी। एनएसजी के लोगपहुंचे थे जो वेरीफाई करना चाह रहे थे कि क्या जो घटना हुई उसमें किसी प्रकार के विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया। यहां पर यूपी एटीएस का पहुंचना आतंकवादी कनेक्शन को लेकर और जोर दे रहा था। हरियाणा पुलिसजो है वो यहां पहुंची थी। दिल्ली पुलिसयहां पहले से मौजूद है और अगर अभी भीदिखाएं मैं आपको इस वक्त रात के अगर मैं अपने मोबाइल फोन में देखूं रात के 1:51 होरहे हैं और अभी भी यहां पर आपको तमाम जांच एजेंसियों के लोग जो हैं वो नजर आ रहेहैं। सिर्फ 300 मीटर दूरी पर ही ये घटनाघटित हुई थी और उसके बाद अभी भी रात को वो लोग यहां मौजूद हैं। क्या एक साधारण कार ब्लास्ट इतना भयावह हो सकता है कि 10 लोगों की जान चली जाए या इसमें वो आतंकी कनेक्शन है। इस गाड़ी का आतंकी कनेक्शनहै। उस नदीम का आतंकी कनेक्शन है। उससलमान का आतंकी कनेक्शन है। उस डॉक्टर काआतंकी कनेक्शन है। क्या ये सारी घटनाएंआपस में जुड़ी हैं? ये बहुत सारे सवाल है। एक थ्योरी जो इससे घटनाओं को कवर करने वाले पत्रकारों की तरफ से है वो ये है कि इस रैकेट का भांडाफोड़ हो गया था। कश्मीर से लेकर फरीदाबाद तक एक के बाद एक कारवाई हो रही थी। इसलिए आननफानन में इस घटना को अंजाम दिया गया। जब तक आधिकारिक तौर पर कोई बात ना आए तब तक किसी बात की पुष्टि करना शायद सही नहीं होगा। लेकिन तमामथ्योरीज, तमाम जो बातें निकल कर आ रही है। अलग-अलग एंगल निकल कर आ रहे हैं। उसमें एक महत्वपूर्ण एंगल ये भी कहा जा रहा है ऑफ द रिकॉर्ड बातचीत में कि ये घटना को आननफानन में अंजाम दिया गया। लाल किले को इसलिए चुनागया क्योंकि लाल किला एक ऐसी जगह है जहां पर भीड़भाड़ ज्यादा होती है। हालांकि अभी भी ये स्पष्ट नहीं है कि इसघटना में क्या ये फिदाइन हमला था जिसमें अंदर बैठे हुए लोगों ने खुद को उड़ा लियाया फिर ये उस मॉडल पर उस इजराइली एम्बेसी के बाहर जो घटना हुई थी जिसमें बम लगा दिया गया था उस मॉडल पर घटित हुई घटना थी। जांच एजेंसियों की नजर है। लेकिन जो कुछ है वो यह बता रहा है कि सब कुछ इतना सीधानहीं है। कम से कम एनआईए, एनएसजी, यूपी एटीएस की मौजूदगी कहती है। फिलहाल दिल्ली और आसपास के जितने भी इलाके राज्य हैं चाहे वो उत्तर प्रदेश की बात कर लीजिए,राजस्थान की बात कर लीजिए, हरियाणा की बात कर लीजिए वहां पर हाई अलर्ट है
Kab hua sir
😢😭😭😢